अधिनियम की विशेषताएं-
1 - इसने कंपनी के राजनैतिक और व्यापारिक कार्यों को अलग - अलग कर दिया ।
2 - इसने निदेशक मंडल को कंपनी के व्यापारिक मामलों के अधीक्षक की अनुमति तो दे दी लेकिन राजनैतिक मामलों के प्रबंधन के लिए नियंत्रण बोर्ड (बोर्ड ऑफ कंट्रोल ) नाम से एक नया निकाय बनाया गया । इस प्रकार द्वैध शासन व्यवस्था का शुभारंभ किया गया।
3 - नियंत्रण बोर्ड को यह शक्ति थी कि वह ब्रिटिश नियंत्रण भारत में सभी नागरिक , सैन्य सरकार व राजस्व गतिविधियों का अधीक्षक एवं नियंत्रण करें ।
इस प्रकार , यह अधिनियम दो कारणों से महत्वपूर्ण था -
1 - भारत में कंपनी के अधीन क्षेत्र को पहली बार " ब्रिटिश अधिकार क्षेत्र " कहा गया ।
2 - ब्रिटिश सरकार को भारत में कंपनी के कार्यों और प्रशासन पर पूर्ण नियंत्रण प्रदान किया गया ।