इस अधिनियम का अत्यधिक संवैधानिक महत्व है , क्योंकि भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी के कार्यों को नियमित और नियंत्रित करने की दिशा में ब्रिटिश सरकार द्वारा उठाया गया यह पहला कदम था , इसके द्वारा पहली बार कंपनी के प्रशासनिक और राजनैतिक कार्यों को मान्यता मिली , भारत में केन्द्रीय प्रशासन की नींव रखी गई ।
अधिनियम की विशेषताएं -
1 - इस अधिनियम द्वारा बंगाल के गवर्नर को " गवर्नर जनरल ऑफ बंगाल " नाम दिया गया और उनकी सहायता के लिए एक चार सदस्यीय कार्यकारी परिषद का गठन किया गया ।
Imp - बंगाल के पहले गवर्नर लार्ड वारेन हेस्टिंग्स थे ।
2 - इस अधिनियम द्वारा मद्रास (वर्तमान चन्न्ई) एवं बंम्बई के गवर्नर , बंगाल के गवर्नर जनरल के अधीन हो गए , जबकि पहले सभी प्रेसिडेंसियों के गवर्नर एक - दूसरे से अलग थे ।
3 - अधिनियम के अंतर्गत कलकत्ता में 1774 में एक उच्चतम न्यायालय की स्थापना की गई , जिसमें मुख्य न्यायाधीश और तीन अन्य न्यायाधीश थे ।