Monday, 25 May 2020

1773 का रेग्यूलेटिंग एक्ट

1773 का रेग्यूलेटिंग एक्ट -
इस अधिनियम का अत्यधिक संवैधानिक महत्व है , क्योंकि भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी के कार्यों को नियमित और नियंत्रित करने की दिशा में ब्रिटिश सरकार द्वारा उठाया गया यह पहला कदम था , इसके द्वारा पहली बार कंपनी के प्रशासनिक और राजनैतिक कार्यों को मान्यता मिली , भारत में केन्द्रीय प्रशासन की नींव रखी गई ।
अधिनियम की विशेषताएं -
1 - इस अधिनियम द्वारा बंगाल के गवर्नर को " गवर्नर जनरल ऑफ बंगाल " नाम दिया गया और उनकी सहायता के लिए एक चार सदस्यीय कार्यकारी परिषद का गठन किया गया ।
Imp - बंगाल के पहले गवर्नर लार्ड वारेन हेस्टिंग्स थे ।
2 - इस अधिनियम द्वारा मद्रास (वर्तमान चन्न्ई) एवं बंम्बई के गवर्नर , बंगाल के गवर्नर जनरल के अधीन हो गए , जबकि पहले सभी प्रेसिडेंसियों के गवर्नर एक - दूसरे से अलग थे ।
3 - अधिनियम के अंतर्गत कलकत्ता में 1774 में एक उच्चतम न्यायालय की स्थापना की गई , जिसमें मुख्य न्यायाधीश और तीन अन्य न्यायाधीश थे ।

मेकियावली

मेकियावली का जन्म इटली के नगर फ्लोरेंस में एक सामान्य परिवार में सन् 1469 में हुआ था। उसको कोई उच्च शिक्षा तो नहीं दी गई पर लैटिन भाषा का अ...